खादी एवं ग्रामोद्योग प्रदर्शनी के नाम पर मची है लूट*

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*सामने हो रबिना जीएसटी भरे प्रतिदिन आयकर विभाग *बिना जीएसटी भरे प्रतिदिन आयकर विभाग मुख्यालय के सामने हो रहा लाखों का व्यापार, विभाग चुप*

*खादी एवं ग्रामोद्योग प्रदर्शनी के नाम पर मची है लूट*

*पहुंचने वाले ग्राहकों से वसूला जा रहा है मनमानी रकम*

कौशांबी। आय एवं व्यापार कर अधिकारियों की अनदेखी खुलकर सामने आ गई है कि किस तरह विभागीय अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर धोखेबाज व्यापारी लाखों रुपए प्रतिदिन का व्यापार कर जीएसटी की चोरी कर रहे हैं। मामला मुख्यालय स्थित डायट मैदान में चल रही जय माता दी खादी ग्राम उद्योग प्रदर्शनी का है।

जिला मुख्यालय स्थित डायट मैदान में गत एक सप्ताह से जेएमडी खादी एवं ग्रामोद्योग प्रदर्शनी के नाम से एक आयोजन किया जा रहा है। जहां नियमों के विपरीत चाइनीस सामानों का खुलेआम बिक्री किया जा रहा है। यही नहीं यहां पर पहुंचने वाले खरीददारों को दुकानदार जीएसटी एवं बिल भी नहीं दे रहे हैं। स्थिति यह है कि लगभग 10 लाख रुपए प्रतिदिन के व्यापार में इस पूरी प्रदर्शनी में ₹10 की भी जीएसटी नहीं कट रही। इस पर तुर्रा यह भी कि जीएसटी कर विभाग का जिला मुख्यालय ऑफिस इस प्रदर्शनी से चंद कदमों से दूर है। यही नहीं सी प्रदर्शनी से 100 मीटर की दूरी पर जिले स्तर के आला अधिकारी भी बैठे हैं। लेकिन किसी का ध्यान सरकार की प्रतिदिन की लाखों की व्यापार कर की चोरी की ओर नहीं जा रहा है। जानकारों का मानना है यदि इस पूरे मामले में जिला प्रशासन एक्शन ले तो 20 लाख रुपए की कर चोरी का मामला खुलकर सामने आएगा।

*वेद प्रकाश पाण्डेय*
*ब्यूरो चीफ , दैनिक भारत संवाद*
*कौशांबी।*
*खादी एवं ग्रामोद्योग प्रदर्शनी के नाम पर मची है लूट*

*पहुंचने वाले ग्राहकों से वसूला जा रहा है मनमानी रकम*

कौशांबी। आय एवं व्यापार कर अधिकारियों की अनदेखी खुलकर सामने आ गई है कि किस तरह विभागीय अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर धोखेबाज व्यापारी लाखों रुपए प्रतिदिन का व्यापार कर जीएसटी की चोरी कर रहे हैं। मामला मुख्यालय स्थित डायट मैदान में चल रही जय माता दी खादी ग्राम उद्योग प्रदर्शनी का है।

जिला मुख्यालय स्थित डायट मैदान में गत एक सप्ताह से जेएमडी खादी एवं ग्रामोद्योग प्रदर्शनी के नाम से एक आयोजन किया जा रहा है। जहां नियमों के विपरीत चाइनीस सामानों का खुलेआम बिक्री किया जा रहा है। यही नहीं यहां पर पहुंचने वाले खरीददारों को दुकानदार जीएसटी एवं बिल भी नहीं दे रहे हैं। स्थिति यह है कि लगभग 10 लाख रुपए प्रतिदिन के व्यापार में इस पूरी प्रदर्शनी में ₹10 की भी जीएसटी नहीं कट रही। इस पर तुर्रा यह भी कि जीएसटी कर विभाग का जिला मुख्यालय ऑफिस इस प्रदर्शनी से चंद कदमों से दूर है। यही नहीं सी प्रदर्शनी से 100 मीटर की दूरी पर जिले स्तर के आला अधिकारी भी बैठे हैं। लेकिन किसी का ध्यान सरकार की प्रतिदिन की लाखों की व्यापार कर की चोरी की ओर नहीं जा रहा है। जानकारों का मानना है यदि इस पूरे मामले में जिला प्रशासन एक्शन ले तो 20 लाख रुपए की कर चोरी का मामला खुलकर सामने आएगा।

*वेद प्रकाश पाण्डेय*