डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने फोन पर इंस्पेक्टर अमित कुमार से रोसरा का जायजा लिया

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बिहार संवाददाता सिकंदर राय की रिपोर्ट

समस्तीपुर । मैं डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय बोल रहा हूं। कैसे हैं आप? बच्चे कैसे हैं ? सभी लोग स्वस्थ हैं? लॉकडाउन की क्या स्थिति है? आप अच्छे कार्य कर रहे हैं, क्षेत्र से जानकारी मिल रही है। इसी प्रकार अपनी भूमिका निभाते रहे। मैं आपके साथ खड़ा हूं। किसी प्रकार की समस्या हो तो बताएं। उक्त सारे प्रश्न बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय ने रोसड़ा थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर अमित कुमार से पूछा। डीजीपी द्वारा पूछे जाने पर जब थानाध्यक्ष ने अपने परिवार को बेगूसराय में रहना बताया, तो उन्होंने कहा कि बराबर घर के सदस्यों से बात करते रहें।
वहां किसी भी प्रकार की कोई समस्या या परिजनों को परेशानी हो तो बताएं मैं वहां के एसपी को फोन कर देता हूं। थानाध्यक्ष एवं उनके परिवार का हाल जानने के पश्चात डीजीपी ने लॉकडाउन की स्थिति के संबंध में पूछताछ की। हर हाल में सख्ती बरतने की नसीहत भी दी। साथ ही आवश्यक सेवाओं मे लगे लोगों को किसी प्रकार की समस्या नहीं होने देने की भी सलाह दी। डीजीपी ने कहा कि बुजुर्ग, गरीब, असहाय व कमजोर वर्ग के लोगों का ख्याल रखना जरूरी है।

क्षेत्र में चल रहे राहत केंद्र एवं क्वारंटाइन सेंटरों का जायजा लेते रहने तथा कोरोना रूपी महामारी से लड़ रहे चिकित्सक व कर्मियों का भी ख्याल रखने को कहा। डीजीपी द्वारा पूछे जाने पर जब थानाध्यक्ष ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिग से निकलकर अनुमंडलाधिकारी के प्रकोष्ठ में एसडीपीओ के साथ बैठे रहने की जानकारी दी तो उन्होंने अनुमंडलाधिकारी अमन कुमार सुमन तथा अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी शहरियार अख्तर से भी बात की। दोनों पुलिस व प्रशासनिक पदाधिकारियों से संपूर्ण अनुमंडल क्षेत्र में विधि व्यवस्था तथा लॉकडाउन की स्थिति के संबंध में जानकारी हासिल की।
पुन: थानाध्यक्ष से बात करते हुए डीजीपी ने बेगूसराय के सील किए गए सीमा पर सख्ती बरतने का भी निर्देश दिया।

डीजीपी द्वारा 5 मिनट से अधिक समय तक इन पदाधिकारियों से बात की गई। अंत में स्वस्थ सुरक्षित रह कर कर्मशील रहने की शुभकामना देते हुए उन्होंने वार्ता समाप्त किया। डीजीपी द्वारा फोन कर हालचाल पूछने से उत्साह से ओतप्रोत थानाध्यक्ष ने कहा की 11 वर्षों की सेवा में पहली बार राज्य के पुलिस महानिदेशक द्वारा इस प्रकार फोन कर हालचाल पूछा गया है। इससे उत्साहवर्धन के साथ-साथ निश्चित रूप से हम पुलिसकर्मियों का हौसला आफजाई होता है।