बिहारशरीफ:-प्रखंड स्तरीय क्वारंटाइन सेंटर पर चिकित्सक होंगे उपलब्ध प्रतिदिन चिकित्सा पदाधिकारी करेंगे सुबह शाम लोगों का चेक-अप

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बिहार संवाददाता सिकंदर राय की रिपोर्ट

प्रखंड स्तरीय क्वारंटाइन सेंटर पर चिकित्सक होंगे उपलब्ध ।
प्रतिदिन चिकित्सा पदाधिकारी करेंगे सुबह शाम लोगों का चेक-अप
सिविल सर्जन ने पत्र लिखकर जारी किया निर्देश।

बिहारशरीफसरकार द्वारा अनुमति मिलने का बाद राज्य से बाहर रह रहे लोगों की वापसी का रास्ता साफ़ हो गया है। दिशानिर्देशों के अनुसार बाहर से लौटे सभी लोगों को 21 दिनों तक क्वारंटाइन सेंटर में रहना होगा।संक्रमण के लक्षण नहीं नजर आने पर उन्हें अपने घर वापस जाने की अनुमति होगी।सेंटर में रहने के दौरान लोगों की नियमित रूप से लक्षण जानने के लिए जांच होगी।इसके लिए सिविल सर्जन डॉ. राम सिंह ने पत्र लिखकर जरुरी दिशानिर्देश जारी किये हैं। 
मेडिकल टीम द्वारा होगी जांच:
सेंटर में रह रहे लोगों की पूरी जांच सुनिश्चित करने का प्रावधान है. मेडिकल टीम द्वारा सुनिश्चित करना है कि सेंटर में रह रहे लोगों में खांसी, बुखार या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण हैं अथवा नहीं।अगर किसी में यह लक्षण पाए जाते हैं तो उनका स्वाव टेस्ट कराया जायेगा और उन्हें मेडिकल क्वारंटाइन में रहना होगा।अगर जांच में खांसी, बुखार या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण नहीं मिलते हैं तो वे सामान्य क्वारंटाइन में रहेंगे।
पारा मेडिकल स्टाफ की होगी नियुक्ति:
प्रखंड स्तरीय क्वारंटाइन सेंटर पर एक पारा मेडिकल स्टाफ की नियुक्ति की जाएगी।इससे सेंटर पर रह रहे लोगों के स्वास्थ्य पर नजर राखी जा सकेगी और किसी को कोई तकलीफ होने पर अविलम्ब चिकित्सा उपलब्ध हो सकेगे। प्रतिदिन एक चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा सुबह 8 बजे और शाम 6 बजे सेंटर में रह रहे लोगों का जांच किया जायेगा और उनकी स्थिति रजिस्टर में दर्ज की जाएगी।
सारी जानकारी का रखा जायेगा रिकॉर्ड:
एक रजिस्टर में अलग अलग पेज पर सेंटर में रह रहे प्रत्येक व्यक्ति की सारी जानकारी दर्ज की जाएगी. व्यक्ति का नाम, उनकी चिकित्सीय स्थिति एवं हिस्ट्री, व्यक्तिगत जानकारी, ट्रेवल हिस्ट्री एवं मोबाइल नंबर लिखा जायेगा।नियमित जांच से जुडी सारी जानकारी भी इसमें दर्ज की जाएगी।