समस्तीपुर जिला के रोसड़ा में इन दिनों अवैध रूप से सैकड़ों निजी क्लीनिक जांच घर अल्ट्रासाउंड धड़ल्ले से चल रही है।

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बिहार संवाददाता सिकंदर राय की रिपोर्ट।
समस्तीपुर जिला के रोसड़ा में इन दिनों अवैध रूप से सैकड़ों निजी क्लीनिक जांच घर अल्ट्रासाउंड धड़ल्ले से चल रही है ।स्वास्थ्य विभाग इस पर मौन धारण किए हुए हैं।
रोसरा शहर में बेधड़क अवैध निजी क्लीनिक एवं जांच घर अल्ट्रासाउंड चल रही है ।कई बार स्वास्थ्य विभाग की टीम छापेमारी भी की जिसमें अवैध रूप से चलाने वाले सैकड़ों क्लीनिक जांच घर को सील की गई ।लेकिन पुनः वही जांच घर ,वही क्लिनिक चालू स्थिति में देखी जा रही है।
बता दें कि प्रत्येक दिन सैकड़ों की तादाद में लोग रोसड़ा शहर इलाज करवाने के लिए आते हैं ।रोसड़ा शहर में इलाज करवाने के नाम पर लोगों के साथ धोखाधड़ी हो रही है। सैकड़ों क्लीनिक अवैध रूप से चल रही है।क्लीनिक के डॉक्टर एवं कंपाउंडर द्वारा मरीजों की खरीद बिक्री करने का भी कालाबाजारी करते हैं। इतना ही नहीं रोसड़ा स्थित अनुमंडलीय अस्पताल के आशा कार्यकर्ताओं द्वारा भी सरकारी अस्पताल से मरीजों को उठाकर चंद कमीशन के लिए निजी क्लीनिक पर पहुंचा देते हैं। यह कलाबाजारी आज से नहीं कई वर्षों से चल रही है। विभाग के नजर में भी कई बार ऐसा देखने को एवं सुनने को मिला है ।फिर भी विभाग इस पर मौन क्यों धारण किए हुए हैं?

दूर देहात से आए हुए गरीब तबके के लोग इलाज के नाम पर अपनी सारी संपत्ति को दांव पर लगा देते हैं। लेकिन रोसड़ा शहर में बैठे सैकड़ों फर्जी क्लिनिक गरीब की खून चूसने में कोई कसर नहीं छोड़ते है ।एक बार अगर रोसड़ा शहर के किसी फर्जी अस्पताल के चक्कर में  फंस जाता है तो  उससे अपनी जान छुराना बड़ी मुश्किल हो जाता है क्योंकि डॉ दवाई के नाम पर ,फीस के नाम पर, जांच के नाम पर उनकी पैसा को लूट लेते हैं।
हाल ही में कुछ अल्ट्रासाउंड पर छापेमारी की गई थी। छापेमारी के दौरान कुछ अल्ट्रासाउंड को सील भी कर दिया गया। उसके बावजूद भी आज अल्ट्रासाउंड चालू स्थिति में पाया गया है।
इससे यह साफ जाहिर होती है। या तो स्वास्थ्य विभाग से आई टीम उन अल्ट्रासाउंड वाले को बिना कागजात को चालू करने का अनुमति दे दिए होंगे या फिर अल्ट्रासाउंड को सुचारू रूप से चलाने का पेपर दे दिए होंगे।