समस्तीपुर जिला से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। रिटायर शिक्षक न्याय के लिए भटक रहे हैं।

0
436

बिहार संवाददाता सिकंदर राय की रिपोर्ट

समस्तीपुर जिला सिंघिया थाना क्षेत्र के हरदिया गांव निवासी रिटायर्ड शिक्षक उपेंद्र नारायण सिंह ने बताया कि वर्ष 1960 ईस्वी में प्राथमिक विद्यालय धनहो में प्रधानाध्यापक के पद पर नियुक्त हुए थे।
जिस विद्यालय में  गुरुजी बच्चे को भविष्य को सवारने एवं संभालने की काम कर रहे थे वह विद्यालय के भूमि गुरु जी की अपनी निजी 18 कट्ठा 6 धूर केवाला से प्राप्त किया हुआ भूमि था।
विद्यालय की भूमि नहीं रहने के कारण गुरुजी  2 कट्ठा भूमि विद्यालय के लिए बिहार सरकार शिक्षा विभाग को लिख दिए।
गुरुजी वर्ष 2002 ईस्वी में कुशेश्वरस्थान विद्यालय से रिटायर कर गए।
बता दें कि जिस विद्यालय के नाम से गुरु जी ने 2 कट्ठा भूमि दान दिए। उस भूमि पर आज तक विद्यालय की निर्माण नहीं हुई है ।
बचे हुए भूमि पर ग्रामीण पंचायत के मुखिया एवं स्थानीय शिक्षक के द्वारा भूमि पर कब्जा कर लिया गया है ।रिटायर शिक्षक ने यह भी कहा कि बिहार सरकार का  महत्वाकांक्षी योजना नल जल योजना का बोरिंग भी मेरे भूमि पर गराया गया है।
रिटायर्ड शिक्षक ने बताया कि इस मामले से संबंधित न्यायालय में मामला लंबित है।
दिल्ली सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर समस्तीपुर जिला पदाधिकारी को आदेश दिया गया कि मामला को निपटारा करें।
उसके बावजूद भी स्थानीय सिंघिया थाना ,सिंघियाअंचलाधिकारी ,प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सिंघिया के मेल से भूमि पर कब्जा किया जा रहा है शिक्षक न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं।