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बिहार संवाददाता सिकंदर राय की रिपोर्ट :-

सिंघिया प्रखंड के राष्ट्रीय जनता दल के आह्वान पर राज्यव्यापी हड़ताल की सफलता के लिए प्रखंड स्थित कर्पुरी चौक से अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ प्रखंड अध्यक्ष नजरे आलम सिद्दीकी के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में क्षेत्रीय नागरिक बुद्धिजीवी छात्र नौजवान शांति जुलूस निकालकर पैदल मार्च करते हुए प्रदर्शन स्थल सिंघीया बापू चौक पर एक जुट हुए।
कर्पुरी चौक कुशेश्वर स्थान दरभंगा मुख्य मार्ग को घंटो जाम किया ।सभा स्थल पर पहुंचकर रैली के रूप में सुभाष चौक गोलंबर होते हुए प्रखंड कार्यालय अंचल परिसर मनरेगा भवन आदि स्थानों को बंद कराते हुए केंद्र सरकार की नागरिकता संशोधन बिल और एनआरसी जैसे काले कानून का विरोध किया।
जिस का संचालन राजद अध्यक्ष गरीब मां जी प्रखंड युवा अध्यक्ष बृजेश यादव प्रखंड कार्यकारिणी आलोक कुमार सिंह जिला महासचिव सह पैक्स अध्यक्ष मोहम्मद अनवारूल हक जिला तकनीकी प्रकोष्ठ महासचिव हरिहर झा प्रखंड कार्यकारिणी रमेश यादव ने किया सभा में उपस्थित कांग्रेश प्रखंड अध्यक्ष पार्थेश्वर कुमार सिंह मोहम्मद तय्यब हुसैन मुकेश सिंह कृष्ण मोहन सिंह अब्दुल मालीक मोहम्मद गुलाब शाहिद जमा उर्फ छोटू भाई नुरुल इस्लाम
सीपीआई एम एल अंचल सचिव रामचंद्र प्रधान रालोसपा प्रखंड अध्यक्ष बिरजू साहु सीपीएम के संजीव कुमार साहु शंभू एवं घटक दल के धर्मनिरपेक्ष संगठनों से पदाधिकारी गण उपस्थित रहे अपने वक्तव्य में वक्ताओं ने केंद्र सरकार की थोपी जा रही नागरिकता संशोधन बिल और एनआरसी का बहिष्कार किया और सरकार विरोधी नारे लगाते हुए प्रखंड स्थित सुभाष चौक से होते हुए प्रखंड कार्यालय अंचल परिसर मनरेगा कार्यालय को बंद कराते हुए कलाली चौक पर आमसभा का रूप देकर अपने अपने वक्तव्य रखा अपने अभिवादन में वक्ताओं ने आम नागरिकों को केंद्र सरकार से सजग और होशियार रहने का आह्वान किया वक्ताओं ने कहा यदि काला कानून का बहिष्कार केंद्र सरकार नहीं करती है तब तक संघर्ष जारी रहेगा लाठी गोली का गम नही संविधान का रक्षा करना हमारा कर्तव्य है संविधान से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं उसके लिए केंद्र सरकार को जो करना है कर ले काला कानून वापस लेना होगा अन्यथा आने वाले समय में नागरिक संशोधन बिल और एनआरसी के वापसी के लिए कुछ भी कदम उठाया जाएगा जिसकी जवाबदेही सरकार की होगी वक्ताओं ने राज्य सरकार नीतीश कुमार पर भी अपना गुस्सा दिखाया और कहा केंद्र के इशारे पर राज्य सरकार गरीब गुजारो कानून लाकर जल जीवन हरियाली के नाम पर भिंड तथा गैरमजरूआ जमीन पर झोपड़ी डालकर जीवन यापन कर रहे सैकड़ों हजारों गरीबों का मृत लीला देखना चाहती है क्षेत्रवासी गरीबों की झोपड़ी उजाड़ने से पहले पुनर्वास का व्यवस्था कर उन्हें घर बनाकर जीवन यापन करने दें अन्यथा एक भी झोपड़ी नहीं गुजरने देंगे राज्य सरकार बौखला गई है दिल्ली जाकर नागरिकता संशोधन बिल का वोटिंग करती है बिहार आकर नागरिकों को गुमराह करती है और कहता है सीएबी और एनआरसी बिहार में नहीं लागू होगा इनकी झूठी जुमलों पर बिहार वासियों को भरोसा नहीं है अगर दम है तो सीएबी के विरुद्ध अपना मत पत्र न्यायपालिका में प्रस्तुत करें उपस्थित मौलाना सलाउद्दीन कासमी,
मो शाहिद मो अब्दुल्लाह मो इमदाद मो कप्तान अली मो फैयाज अली तय्यब मो खालिद मो शाहिद मो शाहजहां मो तौसीफ अहमद मो नूरेन सभा बालम अब्दुर रहमान अरमान नन्हे मोहम्मद सोनू मोहम्मद अली शमशाद अब्दुल बासित इत्यादि उपस्थित थे।