COVID-19 की मार, IPL-13 हुआ लाचार

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दुनिया में सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड बीसीसीआई के देसी-विदेशी खिलाड़ियों से सजे अपने घरेलू क्रिकेट टूर्नामेंट आईपीएल-12 साल 2019 का फ़ाइनल मुक़ाबला. आमने-सामने चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस.

आख़िरी ओवर की अंतिम गेंद मुंबई के लसिथ मलिंगा के हाथ में और उन्होंने अपनी जानी पहचानी यॉर्कर पर चेन्नई के शार्दुल ठाकुर को एलबीडब्लू कर दिया. और केवल एक रन से मुंबई चैंपियन बन गई.

सारा स्टेडियम खड़ा होकर मैच देख रहा था और करोड़ों निगाहें टेलीविज़न पर लगी थीं. यह कमाल था विदेशी खिलाड़ी लसिथ मलिंगा का.

इसके अलावा लीग स्टेज में मुंबई इंडियंस के आंद्रे रसेल ने कोलकाता नाइट राइडर्स के ख़िलाफ़ उसी के मैदान पर उसके गेंदबाज़ों की ज़बरदस्त धुनाई करते हुए केवल 40 गेंदों पर नाबाद 80 रन की पारी खेलकर ऐसा संमा बांधा की देखने वाले देखते रह गए.

आंद्रे रसेल का बल्ला तूफ़ान उठा रहा था और गेंद हवा में उड़ती हुई बॉउंड्री लाइन के बाहर जा रही थी. उन्होंने अपनी पारी में छह चौके और आठ गगनचुंबी छक्के लगाए.

कोलकाता के दर्शक भूल गए कि वह किसके समर्थक हैं. पूरे ‘पैसा वसूल’ मैच के बाद चारों तरफ़ आंद्रे रसेल के नाम की गूंज थी. यह कमाल भी आईपीएल में विदेशी खिलाड़ी का ही था.

यहां विदेशी खिलाड़ी हैं सिरमौर

ऐसे दर्जनों उदाहरण हैं जब किसी विदेशी खिलाड़ी ने दिखाया कि आख़िरकार अपने देश के लिए भी ऐसी पारी न खेल पाने वाले खिलाड़ी आईपीएल में क्या कर दिखाते हैं. अब ऐसा नहीं है कि भारतीय खिलाड़ी उनसे कम हैं लेकिन आईपीएल का इतिहास बताता है कि इसकी बेहद लोकप्रियता में उनका हाथ कतई कम नहीं है.

लेकिन विदेशी खिलाड़ी यहां किस तरह की धूम मचाते हैं इसकी बानगी इसी से देखने को मिल जाती है कि अब तक आईपीएल की किसी भी पारी में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर खड़ा करने वाले बल्लेबाज़ क्रिस गेल (नाबाद 175 रन) हैं तो सबसे अधिक विकेट लेने वाले लसिथ मलिंगा (170 विकेट). क्रिस गेल के नाम ही सर्वाधिक छक्के (324) जड़ने का रिकॉर्ड भी दर्ज है.

इतना ही नहीं पिछले साल 2019 में जब भारत में सर्दी दस्तक दे रही थी तब आईपीएल-2020 की नीलामी की चर्चा पूरी गर्मी पर थी. गुनगुनी धूप के अहसास के बीच ज़ोरदार नीलामी में ऑस्ट्रेलिया के तेज़ गेंदबाज़ पैट कमिंस को कोलकाता नाइट राइडर्स ने 15.5 करोड़ में ख़रीदा.

वह आईपीएल के इतिहास के सबसे महंगे और आईपीएल के 13वें सीज़न के सबसे महंगे खिलाड़ी भी बने. उनसे पहले साल 2017 में इंग्लैंड के बेन स्टोक्स 14.50 करोड़ में राइज़िंग पुणे सुपरजाएंट्स के हुए थे.

अब वही पैट कमिंस और आंद्रे रसेल जैसे विदेशी खिलाड़ी आईपीएल-13 में 15 अप्रेल तक खेलते हुए नज़र नही आएंगे. आईपीएल-13 की शुरूआत इसी महिने 29 मार्च से होने जा रही है. इसका पहला मैच मुंबई के वानखेडे स्टेडियम में पिछली विजेता मुंबई इंडियंस और उपविजेता चेन्नई सुपर किंग्स के बीच खेला जाएगा.

क्यों नहीं आ सकेंगे विदेशी खिलाड़ी?

अब पैट कमिंस और आंद्रे रसेल क्यों 15 अप्रैल तक नही खेल सकेंगे. इस यक्ष प्रश्न का जवाब यह है कि केन्द्र सरकार ने विदेश से आने वाले लोगों पर रोक लगा दी है. 13 मार्च से 15 अप्रैल तक के लिए सभी वीज़ा रद्द कर दिए गए हैं. केवल डिप्लोमैटिक और एम्लॉयमेंट वीज़ा को ही मंजूरी दी गई है.

दरअसल खिलाड़ियों को बिजनेस वीज़ा मिलता है. ऐसे में विदेशी खिलाड़ियों को भारत में आने की अनुमति नही मिलेगी. अब इस हालात से कैसे निपटा जाए, इस पर विचार के लिए 14 मार्च को आईपीएल की गर्वनिंग बॉडी की मीटिंग होगी.

आईपीएल-13 की नीलामी में पैट कमिंस के अलावा ऑस्ट्रेलिया के ग्लेन मैक्सवेल को पंजाब ने 10.75 करोड़ में, दक्षिण अफ़्रीका के क्रिस मौरिस को बंगलुरू ने 10 करोड़, वेस्ट इंडीज़ के शेल्डन कॉटरेल को पंजाब ने 8.5 करोड़ और शेमरन हेटमायर को दिल्ली ने 7.75 करोड़ में तो ऑस्ट्रेलिया के नाथन कॉटरल नाइल को मुंबई ने आठ करोड़ में अपने नाम किया.

यह सब बताता है कि आईपीएल में शामिल सभी आठ टीमों का विदेशी खिलाड़ियों की क्षमता पर कितना भरोसा है. आखिरकार उनके खेल में कुछ तो होगा जो फ्रेंचाइज़ियों ने अपनी तिजोरी का ताला उनके लिए खोल दिया.

वैसे यह तो केवल कुछ ही नाम हैं जबकि आईपीएल-13 में तो 60 से अधिक खिलाड़ी अपना धमाल मचाने वाले थे. वैसे तो आठ टीमों में कुल 189 खिलाड़ी है लेकिन इनमें 64 विदेशी खिलाड़ी हैं. इसके अलावा टीमों के साथ कोच, ट्रेनर और सलाहकार समिति से जुड़े विदेशी भी शामिल हैं.

कप्तान की फिर से तलाश करनी होगी?

सबसे बड़ी बात आईपीएल-13 की कुछ टीमों के तो कप्तान ही विदेशी खिलाड़ी हैं. पिछले सीज़न में सनराइज़र्स हैदराबाद के कप्तान न्यूज़ीलैंड के केन विलियम्सन और राजस्थान रॉयल्स के कप्तान ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ थे.

इतना ही नहीं पिछले आईपीएल के सबसे कामयाब बल्लेबाज़ भारत के रोहित शर्मा या विराट कोहली नहीं बल्कि विदेशी बल्लेबाज़ सनराइज़र्स हैदराबाद के डेविड वार्नर थे. डेविड वार्नर ने पिछले साल धुंआधार बल्लेबाज़ी करते हुए एक शतक और आठ अर्धशतक की मदद से 12 मैचों में 143.86 की स्ट्राइक रेट और 69.20 की औसत से सर्वाधिक 692 रन बनाए थे.

गेंदबाज़ी में भी कोई भारतीय नहीं वरन विदेशी खिलाड़ी दक्षिण अफ़्रीका के स्पिनर इमरान ताहिर छाए रहे. उन्होंने चेन्नई सुपर किंग्स के लिए 17 मैच खेलकर सर्वाधिक 26 विकेट झटके.

इतना ही नही आईपीएल-12 में सर्वश्रेष्ठ कैच लपकने का पुरस्कार मुंबई इंडियंस के किरेन पोलार्ड, सुपर स्ट्राइकर का पुरस्कार कोलकाता नाइट राइडर्स के आन्द्रे रसेल, सबसे कीमती खिलाड़ी का पुरस्कार भी आन्द्रे रसेल को, ऑरेज़ कैप सनराइज़र्स हैदराबाद के डेविड वार्नर को और पर्पल कैप चेन्नई सुपर किंग्स के इमरान ताहिर के नाम रही.

किन विदेशी क्रिकेटरों पर था दारोमदार?

वैसे अगर आईपीएल-13 में भाग लेने वाली आठ टीमों में शामिल सभी विदेशी खिलाड़ियों का नाम ले तो लिस्ट बेहद लम्बी हो जाएगी, फिर भी कुछ प्रमुख खिलाड़ी के नाम तो लिए ही जा सकते हैं.

चेन्नई सुपर किंग्स में शेन वाटसन, इमरान ताहिर, फॉफ डू प्लेसी.

दिल्ली कैपिटल में कैगिसो रबाडा, शिमरॉन हैटमायर, मार्कस स्टोइनिस.

किंग्स इलेवन पंजाब में ग्लेन मैक्सवैल, शेल्डन कॉट्रेल और क्रिस गेल.

कोलकाता नाइट राइडर्स में पैट कमिंस, सुनीन नारायन, आंद्रे रसेल, इयॉन मोर्गन.

मुंबई इंडियंस में लसिथ मलिंगा, क्विंटन डी कॉक, ट्रेंट बोल्ट, किरेन पोलार्ड और क्रिस लिन.

राजस्थान रॉयल्स में स्टीव स्मिथ, बेन स्टोक्स, जोफ्रा ऑर्चर और जोस बटलर.

रॉयल चैलेंजर्स बेंग्लोर में एबी डिविलियर्स, डेल स्टेन, मोईन अली और एरोन फिंच.

और सनराइज़र्स हैदराबाद में डेविड वार्नर, केन विलियमसन, राशिद ख़ान और जॉनी बेयरस्टो जैसे खिलाड़ी शामिल हैं.

ज़ाहिर है इनके 15 अप्रैल तक न खेलने से आईपीएल-13 में खेले जाने वाले मैचों का हाल बिना नमक की नमकीन और बिना मीठे की मिठाई जैसा होगा, यानी बेस्वाद.

ऊपर से मार यह है कि शायद दर्शकों को भी स्टेडियम में अपनी आंखों के सामने मैच देखने का मौक़ा न मिले. विदेशी खिलाड़ियों के दम पर दर्शकों से खचाखच भरे स्टेडियम खाली रह सकते हैं और इनके बिना आख़िरकार टेलीविज़न ही कहां तक आईपीएल के चाहने वालों को अपने से चिपका सकेगा.

विदेशी चीयर लीडर्स से भी महरूम रहेगा आईपीएल?

हर चौके-छक्के को अपने अलग ही अंदाज़ में दर्शाती विदेशी चीयर लीडर्स भी नहीं होंगी. कोई किसी से हाथ नहीं मिलाएगा. ऐसे में आईपीएल के मैचों के दौरान लगातार दे-दनादन आते विज्ञापनों की संख्या में भी कमी आ सकती है. वैसे भी बीसीसीआई ने इस बार विजेता टीमों को मिलने वाली पुरस्कार राशि भी आधी कर दी है.

आईपीएल में सबसे अधिक चार बार ख़िताब जीतने वाली मुंबई इंडियंस के कप्तान रोहित शर्मा और तीन बार की विजेता चेन्नई सुपर किंग्स के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी का जलवा कम नहीं है लेकिन जब विदेशी खिलाड़ियों के तड़क-भड़क से भरे खेल देखने की आदत क्रिकेट प्रेमियों को लग चुकी हो तो उनके बिना तो सब सूना ही लगेगा.

यह ठीक है कि जब पूरी दुनिया कोरोना वायरस की चपेट में आ रही है और एहतियात के तौर पर उससे निपटने और बचने के सभी प्रयासों के कारण एक एक कर कई खेल टूर्नामेंट रद्द हो रहे हैं तो भला आईपीएल उसकी आंच से कैसे बच सकता है.

वैसे आईपीएल-13 का फ़ाइनल 60वें मैच के रूप में 24 मई को खेला जाएगा. 15 अप्रैल तक आईपीएल के 20 मैच हो चुके होंगे. यानी एक तिहाई आईपीएल विदेशी खिलाड़ियों के बिना खेला जाएगा.

इसके बाद भी क्या होगा अभी तय नहीं है लेकिन इतना तो तय है कि कोरोना वायरस के प्रकोप ने अभी से आईपीएल को अपनी चपेट में ले लिया है.