आंगनबाड़ी सेविका की बहाली को लेकर मैपिंग पंजी में हुई धांधली मामला पहुंची लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के कार्यालय।

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बिहार संवाददाता कुमारी राधा की रिपोर्टः-

समस्तीपुर जिला,रोसड़ा अनुमंडल के हसनपुर प्रखंड के परिवादनी के सेविका गुंजन कुमारी के पति गंगा पासवान ग्राम- खरैहिया वार्ड नंबर 14 आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 62 में मैपिंग पंजी को लेकर हुई धांधली की शिकायत रोसड़ा अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी शिव शंकर पासवान के कार्यालय रोसड़ा परिवाद दायर की गई जिसमें अपनी प्रस्तुत परिवाद आंगनबाड़ी सेविका बहाली से संबंधित अवलोकन किया है। सुचना से पता चला की सुनवाई के दौरान स्पष्ट हुआ कि परिवाद का मूल विषय सेविका चयन जेनरल तथा अनुसूचित जाति में घोषित करने को लेकर दायर किया गया।
परिवादी को अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी ने कार्यालय से उक्त परिवाद के निवारण हेतु जिला कार्यक्रम पदाधिकारी समस्तीपुर परिवाद दायर करने के लिए भेज दिया। आईसीडीएस के समक्ष परिवाद दायर की गई हैं। मैपिंग पंजी को लेकर हुए विवाद की कार्यवाही अनुमंडल लोक शिकायत से समाप्त कर दी गई। मैपिंग पंजी को लेकर स्थानीय राजनीतिक विवाद चल रहा है। ग्रामीण अपना अपना दांवपेच लगा रहे हैं की अनुसूचित जाति का बहुल क्षेत्र समाप्त हो जाए और समान वर्ग से सेविका की बहाली हो जाए। आंगनबाड़ी सेविका गुंजन की मृत्यु दिनांक 14/ 8/ 19 को हो गई। इसके बाद ग्रामीण राजनीति खेल खेलने लगे सेविका की पति गंगा पासवान ने बताया सेविका गुंजन कुमारी के खाते में 20हजार 40 रुपया जमा है। जिसके लेकर CDPO दुसरे सेविका को प्रभार दिलाकर रुपया निकालना चाहती है और रूपये बंदरबांट करना चाहती है। जिसको लेकर मृतक सेविका के पति अनुमंडल लोक शिकायत तथा जिला लोक शिकायत पदाधिकारी के यहां चक्कर लगा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है की मैपिंग पंजी में गड़बड़ी कर समान क्षेत्र बना लिया जाएगा। वहीं अनुसूचित जाति के लोगों का कहना है अनुसूचित जाति बहुल क्षेत्र समाप्त किया जा रहा है और गैर तरीके से सेविका की बहाली को लेकर वितरण किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार मृत सेविका वर्ष 2005 से मृत्यु तक सर्वे पंजी आंगनवाड़ी कार्यालय को देती आ रही है। उसी के अनुसार मैपिंग पंजी तैयार होना चाहिए लेकिन एलएस प्रभाव में आकर गरबरी पैदा करना चाहती है। लोगों ने इसकी उच्चस्तरीय जांच कर सही ढंग से मैपिंग पंजी तैयार कर सेविका बहाली करने की मांग किया है।
परिवादी गंगा पासवान ने बताया कि आगंनबाडी सेविका बहाली मैपिंग पजी में धांधली की गई है। धांधली की पर्दाफाश तब हुई जब लिस्ट को निकाला गया जिसमें विजय कुमार क्रमांक संख्या 42 एवं क्रमांक संख्या 44 में है दोनों क्रमांक संख्या में विजय कुमार का पिता जी का नाम एक ही है इस बात को लेकर कई बार विभाग को भी सूचना दिया गया लेकिन सूचना पर कोई कार्यवाही नहीं हुई जिस वजह से लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी के यहां परिवाद दायर किया गया था।

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