आपसी समन्वय से स्वास्थ्य कार्यक्रमों को बनाएं सफल : डीएम

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बिहार संवाददाता सिकंदर राय की रिपोर्टः

आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, एवं परिवार नियोजन कार्यक्रम पर बल
• समय से रिपोर्टिंग करने के दिए गए निर्देश
• कार्यक्रमों के कुशल पर्यवेक्षण से बेहतर परिणाम की उम्मीद

सहरसा : समाहरणालय के सभागार में शुक्रवार को जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक जिलाधिकारी कौशल कुमार की अध्यक्षता में आयोजित की गयी। इस दौरान आयुष्मान भारत, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एवं परिवार नियोजन कार्यक्रमों के बेहतर क्रियान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा की गयी।साथ ही इन कार्यक्रमों की सफलता के लिए प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य कर्मियों को कई निर्देश भी दिए गए।
जिलाधिकारी कौशल कुमार ने कहा किसी भी स्वास्य्र कार्यक्रम मो सफल बनाने के लिए आपसी समन्वय की जरूत होती है। इसलिए सभी स्वास्थ्यकर्मी आपसी समन्वय स्थापित करते हुए इस दिशा में कार्य करें। जिले के सभी प्रखंड के हॉस्पिटल में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के दिन विशेष व्यवस्था होनी चाहिए तथा इसके बेहतर संचालन के लिए आम लोगों को इसके विषय में जागरूक करने का भी प्रयास होना चाहिए। इसको लेकर उन्होंने सभी प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य कर्मियों को समुदाय में प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए.
प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का लाभ सभी को मिले।

श्री कुमार ने कहा प्रधान मंत्री सुरक्षित मातृव अभियान सरकार की एक बेहतर पहल है। इसके तहत एएनसी जांच के लिए अधिक से अधिक चिन्हित लाभार्थियों को चिह्नित किया जाए तथा इसके लिए सभी प्रखंड में उस दिन लाभार्थियों की बैठने की विशेष व्यवस्था सभी प्रकार के जांच तथा जो भी सरकार द्वारा सुविधा मुहैया कराई जाती है वह सब उपलब्ध कराई जाएई, इसके निर्देश दिए। साथ ही इसको लेकर जन-जागरूकता की जरूरत पर भी बल दिया।
मार्च तक 1 लाख गोल्डेन कार्ड बनाने का लक्ष्य:
जिलाधिकारी ने बताया आयुष्मान भारत योजना गरीबों को बेहतर ईलाज सुविधा प्रदान करने के मकसद से चलायी जा रही है। इस अभियान के तहत अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने की जरूरत है।इसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने इस साल के मार्च तक जिले में 1 लाख गोल्डेन कार्ड बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया। साथ ही इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए जिला एवं प्रखंड स्तर के स्वास्थ्य कर्मियों को मिशन मोड पर कार्य करने के निर्देश दिए।

डाटा अपडेट एवं पर्यवेक्षण पर बल:
इस दौरान सभी पीएचसी प्रभारियों को स्वास्थ्य कार्यक्रमों के नियमित पर्यवेक्षण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही ही रिर्पोटिंग सिस्टम को अपडेट रखने एवं समय से रिपोर्टिंग करने की बात कही गयी है। यह बताया गया कि समय से रिपोर्टिंग करने से कार्यक्रमों की वर्तमान स्थिति का पता लगेगा एवं समय से उनकी समीक्षा भी की जा सकेगी। इससे जिले की रैंकिंग में सुधार संभव हो सकेगा।परिवार नियोजन कार्यक्रम की सफलता के लिए कार्यक्रम के तहत प्रदान की जाने वाली सेवाओं की नियमित समीक्षा पर भी बल दिया गया।साथ ही जिला पदाधिकारी के द्वारा सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि आशा का भुगतान फरवरी 2020 तक का जल्द से जल्द कर दिया जाए ताकि इससे आशा द्वारा कार्यों का समय पर संपादन किया जा सके।
गुणवत्ता में सुधार पर कार्य करने की जरूरत:
सिविल सर्जन डॉ ललन प्रसाद सिंह ने कहा स्वास्थ्य योजनाओं की सफलता सेवा प्रदायगी की गुणवत्ता पर निर्भर करती है. इसके लिए सभी स्वास्थ्य कर्मियों को अपनी कार्य गुणवत्ता में अधिक सुधार लाने की जरूरत है। साथ ही समय-समय पर अपने कार्यों की खुद समीक्षा भी की जानी जरुरी है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता भी बढ़ेगी एवं लोगों का विश्वास भी बढेगा।
जिला स्वास्थ्य समिति की जिला मूल्यांकन पदाधिकारी कंचन सिह के द्वारा डाटा पर चर्चा की गई,तथा सभी डाटा ऑपरेटर को समय पर डाटा अपलोड करने का निर्देश दिया गया। जिला समुदायिक उत्प्रेरक राहुल किशोर कहा कि सभी बीसीएम को निर्देश दिया गया कि आशा संबंधित कार्यों को संपादित करें तथा स्वास्थ्य कामों में गुणवत्ता लावे। तथा जिला अकाउंट मैनेजर मंतोष कमल के द्वारा कहां गया कि सभी ब्लॉक अकाउंट ऑफिसर समय पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा संबंधित जितने भी भुगतान हैं उनको पूरा करें और समय पर सबों का भुगतान करने का निर्देश दिया गया।
बैठक में सभी ब्लॉक के प्रभारी मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी, डीपीआरओ दिलीप कुमार देव सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मी व सहयोगी संस्था केयर के डॉ शिल्पा बहल के द्वारा लक्ष्य कार्यक्रम के स्टेटस पर भी बात की गयी।
इस बैठक के दौरान केयर इंडिया के कृतिका, यूनिसेफ के एसएमसी मजरूह उल हसन , डब्ल्यूएचओ के प्रतिनिधि तथा अन्य सहयोगी संस्था के सदस्य मौजूद थे।

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