एमआईटी मुजफ्फरपुर के डिपार्टमेंट ऑफ फार्मेसी के छात्रों द्वारा ड्रगिस्ट एवं केमिस्ट एसोसिएशन द्वारा 22 से 24 जनवरी तक बुलाए गए बंदी का विरोध किया

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बिहार संवाददाता सिकंदर राय की रिपोर्ट

आज दिनांक 21 एक 2020 को एमआईटी मुजफ्फरपुर के डिपार्टमेंट ऑफ फार्मेसी के छात्रों द्वारा  ड्रगिस्ट एवं केमिस्ट  एसोसिएशन द्वारा 22 से 24 जनवरी तक बुलाए गए बंदी का विरोध किया गया।    एसोसिएशन द्वारा बुलाया गया यह बंदी जनहित एवं मरीज हित के लिए कतई उचित नहीं है। इंडियन फार्मा क्यूटिकल एसोसिएशन स्टूडेंट फॉर्म बिहार ब्रांच के संयुक्त सचिव सतीश कुमार ने कहा कि यह बंदी  ड्रगस एंड केमिस्ट एसोसिएशन का नाटक है। हम सभी फार्मासिस्ट इसका विरोध करते हैं और साथ ही सभी फार्मासिस्ट से आग्रह है कि मरीज हित और जनहित को देखते हुए अपना सभी दुकान को खुला रखें। वहीं बिहार के सभी औषधि नियंत्रकओं से अनुरोध है कि इस बंदी में शामिल सभी दवा दुकानों को चिन्हित कर उन पर उचित कार्यवाही करें ।ड्रग एंड केमिस्ट एसोसिएशन द्वारा बुलाए गए इस बंदी का मांग है कि दवा दुकानों से फार्मासिस्ट की आवश्यकता को समाप्त किया जाए जो कि फार्मेसी एक्ट 1948 का सरासर उल्लंघन है। हम फार्मासिस्टओं की जिम्मेदारी होती है कि दवा को बनाने से लेकर मरीज तक सावधानी पूर्वक पूर्ण गुणवत्ता के साथ उपलब्ध कराया जाए। इस बंदी में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र सरकारी अस्पताल एवं नर्सिंग होम के अंदर संचालित दवा दुकानों को इस बंदी से मुक्त रखा गया है। जिससे नागरिक का आपातकालीन स्थिति में होने वाले परेशानी से बचाया जा सके। बिहार के सभी अलग-अलग फार्मासिस्ट एसोसिएशन बंदी का विरोध कर रहे हैं। इस प्रदर्शन में सम्मिलित छात्र संजीव कुमार, उमेश कुमार, सुभाष कुमार ,नीलेश ,विवेक, प्राची, दीपाली, सिद्धि ,सुरभि ,मनजीत, आकृति सहित अनेक छात्र उपस्थित थे।

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