गरीब मजदूर मजबूरी में पाँव पैदल घर की कर रहे हैं दूरी तय।

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बिहार संवाददाता सिकंदर राय की रिपोर्ट:-

मामला सुपौल जिला में पाईप लाईन जल नल योजनाओं में काम कर रहे गरीब मजदूर की है।
मजदूरों ने बताया की सुपौल जिले में राहुल नाम के ठेकेदारों के आदेश पर जल नल योजना के तहत पाईप लाईन का काम कर रहे थे। लेकिन बंदी के कारण काम बंद हो गया। ठेकेदार छोड़ के भाग गए। हम गरीब मजदूरों को रहने खाने को लाले पड़ गए हैं। आज मजबूर होकर पाँव पैदल घर जाने को मजबूर हैं। कुल 21,मजदूर थे 7,अररिया,14,बंगाल के थे। सभी गरीब लाचार मजदूरों ने मजबूरी पाँव पैदल घर जाने को मजबूर हो गए। जब रहने खाने को लाले पड़ते हैं तो भूखे पेट कुछ भी नजर नहीं आता है। एक तरफ केंद्र सरकार,बिहार सरकार,लाख दावे करते हैं। गरीबों के लिए कई योजनाएं पारित करती है। कई आदेश जारी करती है। गरीबों के लिए कई फैसले लेते हैं। वहीं धरातल पर एक भी आदेश का पालन नहीं हो रहा है।
सिर्फ कहने सुनने में हीं अच्छे लगते हैं। वहीं सरकार जब आदेश जारी कर दिए हैं की जो भी व्यक्ति जहां हैं वहीं रहे। सभी व्यवस्था वहीं होगी तो फिर ऐसा क्यों। सरकार ये भी आदेश जारी किए हैं। जहां गरीब मजदूर काम कर रहे हैं।वो वहीं रुक जाए। काम करवाने वाले रहने खाने सभी तरह का व्यवस्था करेंगें तो फिर ऐसा क्यों हो रहा है। अब देखना लाजमी होगा की सुशासन बाबू के राज में ठेकेदार गरीब मजदूर के साथ ऐसा कर रहे हैं। तो सरकार ईस ठेकेदार पर क्या कार्यवाही करती है या मिलीभगत से बात को दबा दिया जाता है क्योंकि जल नल योजना भी सुशासन बाबू की है। एक तरफ कोरोना वायरस को लेकर पूरे विश्व में महामारी चल रही है। तो वहीं दूसरी तरफ गरीब लाचार मजदूरों के साथ अन्याय किया जा रहा है।