पूर्णिया:- पहले से किसी अन्य बीमारी से ग्रसित बुजुर्गों की सेहत पर दें विशेष ध्यान

0
487

बिहार संवाददाता सिकंदर राय की रिपोर्ट

कोरोना का वार : पहले से किसी अन्य बीमारी से ग्रसित बुजुर्गों की सेहत पर दें विशेष ध्यान

• घर के बड़े बुजुर्गों का खास ख्याल रखने में ही सभी की भलाई
• रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों का करें सेवन

पूर्णियाँ: 16 अप्रैल-2020

कोरोना वायरस (कोविड-19) का संक्रमण घर के बड़े-बुजुर्गों (60 वर्ष से ऊपर के लोगों) को अपनी चपेट में न लेने पाए इसके लिए खास ख्याल रखने की जरूरत है। इसके लिए सरकार द्वारा भी लगातार जागरूक करने के प्रयास किये जा रहे हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने तो इसके लिए बाकायदा एडवाइजरी जारी कर कहा है कि कोरोना का खतरा बुजुर्गों को अधिक है, इसलिए उनकी सेहत पर पूरी नजर रखी जाए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपील की है कि बुजुर्गों का खास ख्याल रखें, विशेषकर उनका जो पहले से किसी बीमारी से ग्रसित रहे हैं।
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सचिव आर. सुब्रमन्यम ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों के लिए जारी एडवाइजरी में कहा है कि कोविड-19 के संक्रमण से देश के करीब 16 करोड़ वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षित रखना बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। इसके लिए आयुर्विज्ञान संस्थान, दिल्ली के जीरियाट्रिक विभाग के साथ मिलकर एक एडवाइजरी जारी की गयी है, जिसमें बुजुर्गों का खास ख्याल कैसे रखा जाए इसका पूरा जिक्र है। इसलिए बुजुर्गों की बेहतरी के लिए कार्य कर रहे सभी विभागों और संस्थाओं से अपील की गयी है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस बारे में जागरूक करें।

बुजुर्गों के लिए सलाह :
क्या करें-

• हर समय घर पर ही रहें, बाहरी व्यक्ति घर पर न आने पाएं.
• यदि किसी से मुलाकात करना बहुत ही जरूरी हो तो एक मीटर की दूरी बनाये रखें.
• यदि घर में अकेले रहते हैं तो बहुतजरूरी काम के लिए किसी ऐसे करीबी की मदद ले सकते हैं जो कि स्वस्थ हो.
• किसी भी छोटे या बड़े आयोजन से बचें.
• घर पर चलते-फिरते रहें.
• घर पर हल्का-फुल्का व्यायाम और योगा करें.
• हाथों को बार-बार साबुन और पानी से 20 सेकण्ड तक धोएं, खासकर खाने से पहले और शौच के बाद निश्चित रूप से हाथों को अच्छी तरह से धुल लें.
• घर के ज्यादा इस्तेमाल होने वाले सामानों की सफाई (सेनेटाइज) करते रहें.
• खांसते या छींकते समय टिश्यू पेपर या रुमाल का इस्तेमाल करें और टिश्यू पेपर को बंद कूड़ेदान में ही फेंके.
• घर पर ही बना तजा और गर्म खाना खाएं, बार-बार पानी पीते रहें, प्रतिरोधक क्षमता बढाने के लिए फलों का जूस पियें.
• अगर पहले से किसी बीमारी की दवा ले रहे हैं तो उसे जारी रखें.
• स्वास्थ्य का ख्याल रखें और किसी तरह की दिक्कत समझ आये तो अपने चिकित्सक से संपर्क करें.
• घर-परिवार के सदस्य अगर साथ नहीं रहते तो फोन पर उनसे संपर्क में रहें, वीडियो काल करके भी उनसे संपर्क साध सकते हैं.
• गर्मी को देखते हुए शरीर में पानी की कमी न होने पाए खासकर किडनी और ह्रदय रोगी बार-बार पानी पीते रहें.

क्या न करें –
• ऐसे लोगों से दूरी बनाये रखें जिनमें कोरोना के लक्षण नजर आयें जैसे-बुखार, खांसी और छींक आ रही हो.
• किसी से भी हाथ न मिलाएं और न गले मिलें.
• भीडभाड वाले स्थानों जैसे बाजार, माल या धार्मिक स्थलों पर जाने से बचें.
• हाथ पर न छींकें.
• आँख, नाक और मुंह न छुएं.
• अपने आप से कोई दवा न लें.
• रूटीन चेकअप के लिए अस्पताल न जाकर फोन पर चिकित्सक से सलाह लें.
• किसी को भी घर पर आमंत्रित न करें.

ऐसे बुजुर्ग जो किसी बीमारी से हैं ग्रसित –
कोविड-19 के संक्रमण से उन बुजुर्गों को बचना ज्यादा जरूरी है जो कि पहले से अस्थमा, डायबिटीज, ह्रदय रोग, किडनी कैंसर, हाइपरटेंशन और मानसिक तनाव की समस्या से ग्रसित रहे हैं.

क्या कहते हैं आंकड़े :
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) -दिल्ली की तरफ से जारी एडवाइजरी में कहा गया है कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार देश में करीब 16 करोड़ बुजुर्ग (60 साल के ऊपर) हैं. इनमें 60 से 69 साल के करीब 8.8 करोड़, 70 से 79 साल के करीब 6.4 करोड़, दूसरों पर आश्रित 80 साल के करीब 2.8 करोड़ और 18 लाख बुजुर्ग ऐसे हैं, जिनका अपना कोई घर नहीं है या कोई देखभाल करने वाला नहीं है.

सिविल सर्जन डॉ मधुसूदन प्रसाद ने बताया कि कोरोना से बचाव के लिए वैसे तो हर किसी को सावधानी बरतने की जरूरत है लेकिन बुजुर्गों को इसमें विशेष ध्यान रखना चाहिए. इस अवस्था में रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने के कारण उन्हें संक्रमित होने का खतरा ज्यादा होता है. ऐसे में बुजुर्गों को घर पर रहकर ही अपने सेहत का ध्यान रखना चाहिए.