यू०पी० बिहार के लोगो को देश में मिल रहा सेकंड क्लास का दर्जा :हिमान्शु सिंह

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जब देश एक है तोह यूपी बिहार के लोगो को अन्य राज्यो में प्रवासी जैसे शब्द कहना उचित नही है।
माननीय प्रधानमंत्री जी की योजना है *वन नेशन वन राशनकार्ड* जब देश एक है राशन कार्ड पूरे देश मे एक करने की तैयारी हो रही है ,तोह फिर ये प्रवासी जैसे शब्द कहना देश तोड़ने जैसी बात है।

हाल ही में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ऐलान किया था कि बाहर से आये मजदूरों का इलाज नही होगा ,बाद में दिल्ली के उपराज्यपाल ने इस फैसले को असंवैधानिक करार देते हुवे उन्होंने आदेशित किया की दिल्ली में सबका इलाज हो जाहे वो राज्य का नागरिक हो या न हो इलाज बिना भेद भाव के सबका होगा ।

इसी प्रकार महाराष्ट्र में उद्धव सरकार कोरोनॉ रोकने में पूरी तरफ फेल रही है उस स्थिति में महाराष्ट्र से यूपी-बिहार के मजदूरो लोगो को भगाया गया ,जब महाराष्ट्र सरकार मजदूरों को पाल नही सकती तोह बुलाति क्यों है ,जब मजदूरों के
मूल- भूत बुनियादी सुविधा का ध्यान नही रख सकती तोह उनके साथ भेद भाव करने का कोई अधिकार नही है,उनके साथ मारपीट कर भगाने का कोई अधिकार नही है किसी को भी नही प्राप्त है ।
भारत के संविधान में भारत के नागरीको को स्वतंत्रता का अधिकार प्राप्त है जोकि कोई भी कही भी किसी राज्य में आसकता है और जासकता है।
देश के प्रधानमंत्री को इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए कि नागरिकों के स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा हो सके उन्हें प्रवासी जैसे शब्द कहना उनका अपमान करने जैसा है।

देश की प्रगति किसी भी क्षेत्र में होना चाहे राजनीति से हो या पढ़ाई लिखाई से सभी क्षेत्रो में यूपी बिहार के लोग टॉपर रहे है देश के सेना में 60 फीसदी सैनिक यूपी बिहार से है एवं आईएस- आईपीएस सबसे ज्यादा देने वाला राज्य यूपी- बिहार है ,फिर भी कुछ लोग सिर्फ अपनी राजनीति चमकाने में यूपी बिहार के लोगो का अपमान करने से बाज नही आरहे है।

संवाददाता
हिमान्शु सिंह
राज्य डिप्टी ब्यूरो चीफ
नेशनल एन्टी करप्शन न्यूज चैनल।

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