लॉकडाउन का तीसरा फेज 4 मई से 17 मई तक, सुबह 7 से शाम 7 बजे के बीच बाहर निकल सकेंगे; ग्रीन जोन में बसें और कैब भी चलेंगी

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भारत में दुनिया का सबसे बड़ा लॉकडाउन अभी खत्म नहीं होने वाला। 3 मई को इसका दूसरा दौर खत्म होना था, लेकिन शुक्रवार को सरकार ने इसे दो और हफ्तों के लिए बढ़ा दिया। यानी अब 4 मई से 17 मई तक लॉकडाउन का तीसरा दौर चलेगा। इस तरह सवा सौ करोड़ की आबादी लगातार 55 दिन तक बंदिशों में रहेगी।

बहरहाल, लॉकडाउन का यह तीसरा दौर बड़े बदलाव लेकर आया है। इस बार छोटी रियायतें दी जा रही हैं, लेकिन बड़ी बंदिशें पहले की तरह बरकरार रखी जा रही हैं। ट्रेनें, उड़ानें, स्कूल, कॉलेज, शॉपिंग मॉल और धार्मिक स्थल तो बंद ही रहेंगे, लेकिन अलग-अलग जोन के हिसाब से छूट मिलेंगी। लोग दिन में घरों से बाहर तो निकल सकेंगे, लेकिन जो लोग जरूरी सेवाओं में नहीं हैं, उनका शाम 7 से सुबह 7 बजे के बीच सड़कों पर मूवमेंट नहीं हो सकेगा। यानी बाहर जा रहे हैं तो शाम 7 बजे से पहले घर लौट आएं।

…तो सबसे पहले जानिए कि लॉकडाउन बढ़ा क्यों?
25 मार्च से चल रहे लॉकडाउन से पहले 4.2 दिन में कोरोना के मामले दोगुने हो रहे थे। अब 11 दिन में मामले दोगुने हो रहे हैं। 14 दिन पहले रिकवरी रेट 13% था। अब 25% पहुंच चुका है। यानी संकेत अच्छे हैं, लेकिन सरकार कोरोना को काबू करने में मिली इस कामयाबी को खोना नहीं चाहती। इसलिए बंदिशों को एकसाथ एक बार में हटाने की बजाय धीरे-धीरे हटा रही है। लॉकडाउन का पहला दौर 25 मार्च से 15 अप्रैल के बीच था। बाद में इसे 3 मई तक के लिए बढ़ा दिया गया। इस बीच, 20 अप्रैल और 25 अप्रैल को दुकानों काे छूट मिली, लेकिन मॉल्स-बाजार बंद ही रहे।

लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला हुआ कैसे?
बीते सोमवार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। इसमें शामिल 9 में से 6 मुख्यमंत्री लॉकडाउन बढ़ाने के पक्ष में थे। फिर शुक्रवार सुबह स्वास्थ्य मंत्रालय ने देशभर के 733 जिलों की लिस्ट जारी की। इसमें बताया कि 130 जिले रेड जोन में, 284 जिले ऑरेंज जोन में और 319 जिले ग्रीन जोन में हैं। फिर प्रधानमंत्री की अगुआई में मंत्रियों की बैठक हुई। इसी में लॉकडाउन बढ़ाने का फैसला लिया गया। शाम को गृह मंत्रालय ने आपदा प्रबंधन कानून 2005 के तहत आदेश भी जारी कर दिए।

हर बार का बड़ा सवाल: क्या ट्रेनें, बसें, उड़ानें और ट्रांसपोर्ट के साधन पूरी तरह शुरू होंगे?
जवाब है- नहीं। अंतरराष्ट्रीय और यात्री उड़ानें बंद रहेंगी। सभी यात्री ट्रेनें बंद रहेंगी। सिर्फ वे ट्रेनें चलेंगी, जिनकी गृह मंत्रालय ने इजाजत दी हो। जैसे मजदूरों के लिए कुछ राज्यों के बीच स्पेशल ट्रेनें शुरू हुई हैं। मेट्रो सेवाएं बंद रहेंगी। एक से दूसरे राज्य में सड़क से आवाजाही नहीं हो सकेगी। हालांकि, ऑरेंज जोन में कैब, टैक्सी चल सकेंगी। ग्रीन जोन में कैब, टैक्सी समेत 50% यात्रियों के साथ बसें भी चल सकेंगी।

ये बंदिशें जनता कर्फ्यू के दिन से लागू हैं, 17 मई तक लागू ही रहेंगी

स्कूल, कॉलेज, एजुकेशन, ट्रेनिंग, कोचिंग इंस्टिट्यूट बंद ही रहेंगे।
होटल, रेस्टोरेंट्स, सिनेमा हॉल, शॉपिंग मॉल, जिम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, स्वीमिंग पूल, एंटरटेनमेंट पार्क, थिएटर, बार, ऑडिटोरियम बंद रहेंगे।
हर तरह के राजनीतिक, धार्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन पर रोक जारी रहेगी।
धार्मिक स्थान भी बंद रहेंगे। धार्मिक मकसद से जमावड़ों पर रोक रहेगी।
जो लोग जरूरी सेवाओं में नहीं हैं, उनका शाम 7 से सुबह 7 बजे तक सड़कों पर मूवमेंट नहीं हो सकेगा।
65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों, गर्भवती महिलाओं, 10 साल से छोटे बच्चों को बाहर निकलने की अनुमति नहीं होगी।
एक से दूसरे जिले में जाने की बिल्कुल इजाजत नहीं होगी।
अगर कोई राज्य पूरी तरह से ग्रीन जोन में है तो वहां का स्थानीय प्रशासन एक से दूसरे जिले में जाने की अनुमति दे सकता है।
देश में क्या खुल सकेगा?

शराब, पान और तंबाकू की दुकानें खुल सकेंगी, लेकिन वहां एक बार में 5 से ज्यादा लोग इकट्‌ठा नहीं हो सकेंगे और लोगों के बीच 6 फीट की दूरी बनाए रखनी हाेगी।
शॉपिंग मॉल को छोड़कर सामान बेचने वाली सभी दुकानें खुली रहेंगी। इनमें आस-पड़ोसकी दुकानें, फल, दूध, सब्जी औरकिराना दुकानें शामिल हैं।
कृषि और पशु पालन से जुड़ी सारी गतिविधियां होंगी।
बैंक, फाइनेंस कंपनी, इंश्योरेंस और कैपिटेल मार्केट एक्टिविटी जारी रहेंगी। आंगनबाड़ी का काम भी जारी रहेगा।
प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, आईटी सेक्टर, डेटा और कॉल सेंटर, कोल्ड स्टोरेज, प्राइवेट सिक्योरिटी सविस, मैन्युफैक्चिंगर यूनिट में ड्रग्स, फार्मा, मेडिकल डिवाइस, जूट इंडस्ट्री जारी रहेगा। लेकिन यहां सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करना होगा।
रेड जोन में क्या बदलेगा?

रेड जोन में वे जिले हैं, जहां कोरोना के सबसे ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं और जहां नए मामलों के दोगुने होने की दर भी सबसे ज्यादा है।
ऐसे रेड जोन में साइकिल रिक्शा, ऑटो रिक्शा, टैक्सी, कैब, बसों की आवाजाही, हेयर सैलून, स्पा, शॉपिंग मॉल बंद रहेंगे।
फोर व्हीलर से बाहर जा रहे हैं तो ड्राइवर के अलावा 2 से ज्यादा लोग नहीं बैठ सकेंगे।
टू व्हीलर पर पीछे की सीट पर कोई नहीं बैठ सकेगा।
गांवों में इंडस्ट्रियल और कंस्ट्रक्शन काम हो सकेगा। मनरेगा के तहत काम की इजाजत होगी। फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स, ईंट के भट्‌टे खुल सकेंगे।
ज्यादातर कमर्शियल और प्राइवेट संस्थान खुल सकेंगे। इनमें प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, आईटी सर्विसेस।
ऑरेंज जोन में क्या बदलेगा?

ऑरेंज जोन यानी वे जिले, जहां पिछले 14 दिन से कोरोना के नए मामले सामने नहीं आ रहे।
ऑरेंज जोन में टैक्सी और कैब चलाने की इजाजत होगी। हालांकि, शर्त ये होगी कि 1 ड्राइवर और 2 पैसेंजर ही उसमें बैठ पाएंगे।
एक जिले से दूसरे जिले में लोगों और गाड़ियों की आवाजाही सिर्फ उन गतिविधियों के लिए हो सकेगी, जिनकी इजाजत मिली हुई है।
फोर व्हीलर में 1 ड्राइवर और 2 पैसेंजर की इजाजत होगी।
ग्रीन जोन में क्या बदलेगा?

बसों को छूट रहेगी, लेकिन एक बस में 50% यात्री ही बैठ सकेंगे। बस डिपो में 50% कैपेसिटी के साथ काम होगा।
1 ड्राइवर और 2 पैसेंजर के साथ टैक्सी और कैब चलाने की इजाजत होगी। टू-व्हीलर पर दो लोग बैठ सकेंगे।
किसी भी कार्यक्रम के लिए अनुमति लेनी होगी। कार्यक्रम में सीमित लोग ही शामिल हो सकेंगे।
सभी तरह की गतिविधियों के लिए अनुमति होगी, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना जरूरी होगा।

अभिजीत कुमार
डिविजनल ब्यूरो चीफ मगध प्रमंडल
गया, बिहार