*शिक्षक मनोज सिंह हत्याकांड में आरोपी बरी,तीन गवाहों पर चलेगा केस-* *✍Reporter-arun mishra शिक्षक मनोज सिंह हत्याकांड में अभियोजन पक्ष आरोपों को साबित कर पाने में असफल रहा। नतीजतन एडीजे तृतीय क्षत्रधारी सिंह यादव की अदालत ने संदेह का लाभ देते हुए तीनों आरोपियों को बरी कर लिया। अदालत ने झूठी गवाही देने वाले तीन लोगों के खिलाफ केस चलाने का आदेश दिया है। मामला गोसाईगंज थाना क्षेत्र के अलवर कीरी गांव से जुड़ा है। जहां के रहने वाले अभियोगी अमरेश प्रताप सिंह ने सात जुलाई वर्ष 2011 की घटना बताते हुए आरोपीगण रवि शुक्ला निवासी उमरी,रवींद्र कुमार सिंह निवासी मरियमपुर थाना गोसाईगंज व राजा प्रताप सिंह निवासी गलिबहा-कूरेभार समेत अन्य के खिलाफ अपने चचेरे शिक्षक भाई मनोज सिंह की गोली मारकर हत्या कर देने समेत अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज कराया। वारदात के पीछे स्कूल से जुड़े सामान के लेन-देन को लेकर विवाद की वजह सामने आयी। इस मामले में आरोपी रविशंकर शुक्ल, रवीन्द्र कुमार सिंह व राजा प्रताप सिंह के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल हुआ। मामले का विचारण एडीजे तृतीय की अदालत में चला। इस दौरान अभियोजन पक्ष ने अभियोगी अमरेश प्रताप सिंह एवं चश्मदीद गवाह अजय यादव व मंजू सिंह समेत अन्य को परीक्षित कराया गया। तीनों गवाह अपने साक्ष्य में आरोपों को साबित कर पाने में असफल रहे। वहीं बचाव पक्ष ने सभी आरोपियो को बेकसूर बताते हुए उन्हें बरी किये जाने की मांग की। उभय पक्षों को सुनने के पश्चात न्यायाधीश क्षत्रधारी सिंह यादव ने संदेह का लाभ देते हुए तीनों आरोपियों को दोषमुक्त करार दिया। वहीं अदालत ने झूठी गवाही देने के चलते गवाह मंजू सिंह, अमरेश प्रताप सिंह व अजय यादव के खिलाफ दंड प्रक्रिया संहिता 344 के अन्तर्गत केस चलाने का आदेश दिया है।

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