सहरसा :- सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल कायम कर माह ए रमजान में रोजा रखकर हर वर्ग के लोगों तक पहुंचा रहें हैं भोजन।

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बिहार संवाददाता सिकंदर राय की रिपोर्ट

सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल कायम कर माह ए रमजान में रोजा रखकर हर वर्ग के लोगों तक पहुंचा रहें हैं भोजन।

सहरसावैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के दौरान सहरसा शहरी क्षेत्र स्थित मीरटोला के अल्पसंख्यक युवा लगातार 12 दिनों से दिन-रात जरूरतमंदों को भोजन करा रहे हैं। रमजान प्रारंभ होने के बाद भी इनलोगों के उत्साह में कोई कमी नहीं आयी है। दिनभर रोजा रखने के बाद भी ये लोग पूरी मुस्तैदी से भोजन तैयार कराते हैं और पैकेट बनाकर बाइक से घूम-घूमकर लोगों तक खाना पहुंचाते हैं। सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल कायम करने वाले इन युवाओं की अगुवाई समाजसेवी गुड्डू हयात कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इस संकट की घड़ी में न कोई हिन्दू और न मुसलमान है सभी जरूरतमंद इंसान हैं। भूख से बिलखते लोगों तक रोटी पहुंचाना, आज इंसानियत और मानवता को बचाने की चुनौती है। उन्होंने बताया कि इस अभियान को मनहाजुल हसन, मीनू, लुकमान अली, शहनवाज आलम, ताबिस मेहर, शाहिल अहमद, मिनहाज, आफताब, जावेद, रहमतउल्लाह, नकीब अक्कू, शाहरुख मेहर आदि के सामूहिक सहयोग से एक मिशन के तहत रेलवे स्टेशन, यादव टोली, अलीनगर, सराही और मीर टोला में रोज ढ़ाई सौ से अधिक जरूरतमंदों को दोनों वक्त का भोजन दिया जाता है। युवाओं की ये टोली लॉक डाउन की अबधि तक जरूरतमंद लोगों तक खाना पहुँचाने का काम करेगी।