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जशपुर मुनादी।। बीते रविवार को काँग्रेस के छग सह प्रभारी शप्तगिरी शंकर की मौजूदगी में काँग्रेस कांर्यकर्ता सम्मेलन के दौरान जो कुछ हुआ उस मामले ने अब और तूल पकड़ लिया है। मामले के तूल पकड़ने का कारण यह है कि मंच पर धक्का मुक्की ,माईक की छीना झपटी और हंगामे का वीडियो और खबर प्रकाशित करने वाले पत्रकारो के खिलाफ़ संसदीय सचिव युडी मिंज की अगुआई में जिला काँग्रेस कमेटी ने कुनकुरी एसडीओपी मनीष कुंवर को ज्ञपन सौंपकर सभी न्यूज़ एजेंसियों ,वेबवपोर्टल और सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर काम करने वाले पत्रकारो के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की मांग की है ।

काँग्रेस कमेटी का कहना है कि रविवार को मंच पर जो दृश्य कैमरे में दिखा वह भ्रामक है और सभी न्यूज़ एजेंसी के पत्रकारो ने इस खबर को दिखाकर भ्रम फैलाने का काम किया है इससे सामाजिक शौहार्द बिगड़ सकता है और यहाँ तक कि दंगा भी हो सकता है ।

काँग्रेस द्वारा पूलिस को ज्ञापन सौंप जाने की खबर मंगलवार शाम को ही जंगल की आग की तरह फैल गयी और सोशल मीडिया काँग्रेस कमेटी के इस ज्ञापन और कार्रवाई की मांग से पटने लगा ।

 

विपक्षी पार्टी भाजपा का कहना है कि कैमरे में सब कुछ साफ साफ दिखने के दृश्य को दिखाने वाले पत्रकारो की खबर को भ्रामक बताकर पत्रकारो के खिलाफ़ एफआईआर दर्ज करने की मांग करना लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ पर आपातकाल लगाने जैसा है ।काँग्रेस मीडिया का मुँह बंद करने के लिए कानून पर जोर डाल रही है ।

इधर जिले के पत्रकारो ने भी सोशल मीडिया पर रोष जताना शुरू कर दिया है और बहुत जल्द इस मामले में जिले के सभी पत्रकारो की बैठक होने वाली है और इस मसले को लेकर पत्रकार संघ ठोस निर्णय लेने का विचार बना रहा है ।

 

आपको बता दें कि बीते गुरुवार को काँग्रेस के छग सहप्रभारी शप्तगिरी शंकर की मौजूदगी में काँग्रेस पार्टी का कांर्यकर्ता सम्मेलन चल रहा था । कांर्यकर्ता समनेलन के दौरान जब काँग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष व माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड के सदस्य पवन अग्रवाल ने जब भाषण देना शुरू किया और जब उन्होंने आखिरी में ढाई ढाई साल को लेकर यह वक्तव्य देना शुरू किया कि जिस तरह आलाकमान के निर्देश पर प्रदेश के स्वास्थ मंत्री टीएस सिंहदेव ढाई साल तक चुप रहे और भुपेश बघेल को सत्ता का कमान सम्हालने दिया उसी प्रकार हाईकमान के कमिटमेंट को भुपेश बघेल को भी मानना चाहिए और उन्हें टीएस सिंहदेव को सत्ता की कमान सौंप देनी चाहिए । ऐसा बोलते ही मंच पर काँग्रेस अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष इफ़्तिख़ार हसन आ गए और पवन अग्रवाल के हाथ से माईक छीनना शुरू कर दिया ।इतना ही नही देखते ही देखते मंच पर धक्का मुक्की शुरू हो गयी और मच पर लोग दौड़कर पवन अग्रवाल के बचाव में चढ़ने लगे । वायरल वीडियो के मूताबिक काफी देर तक मंच पर हो हल्ला हंगामा ,छीना झपटी का दृश्य चलता रहा और आखिर में थोड़ी देर में कांर्यकर्ता सम्मेलन समाप्त कर दिया गया । उपरोक्त बाते जो लिखी गयी है वो कैमरों में कैद वीडियो के मूताबिक है और यही वीडियो पूरे देश मे वायरल हो रहा है और लोग इस मामले में सोशल मीडिया में तरह तरह की प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं ।हांलाकि बाद में काँग्रेस नेता इफ़्तिख़ार हसन ने इस पूरे मामले में सफाई दिया और मुनादी डॉट कॉम को बताया कि पहले उन्हें पवन अग्रवाल ने धक्का दिया उंसके बाद ऐसी स्थिति निर्मित हुई ।उन्होंने मुनादी डॉट कॉम से औपचारिक चर्चा में अपना पक्ष रखते हुए बताया कि पवन अग्रवाल के ढाई ढाई साल वाले मसले पर भाषण देने के चलते मंच का माहौल खराब हो रहा था ।कांर्यकर्ता उद्वेलित हो रहे थे ।किसी भी समय माहौल ज्यादा खराब हो सकता था इस चलते वह पवन अग्रवाल से भाषण पर विराम लगाने का आग्रह करने गए थे लेकिन उनके आग्रह को मानने के बजाय पवन अग्रवाल ने उन्हें धक्का दे दिया और फिर जो हुआ उसे कहने बताने की जरूरत नहीं है ।

 

इधर कार्यक्रम से वापस लौटकर पवन अग्रवाल ने कुंनकुरी में टीवी न्यूज सहित अन्य समाचार एजेंसियों को बयान दिया कि वह केवल यह बता रहे थे कि उन्होंने काँग्रेस को जशपुर में कैसे खड़ा किया ।जब काँग्रेस पार्टी का कोई झंडा उठाने वाला नहीं था उस वक़्त उन्होंने काँग्रेस पार्टी का कमान सम्हाला और उनके नेतृत्व में काँग्रेस की लगातार जीत होती रही ।उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में काँग्रेस की सरकार बनाने के पीछे टी एस सिंहदेव और भुपेश बघेल दोनो का बराबर का योगदान था इसलिए ढाई ढाई साल के कमिटमेंट को जिस तरह टीएस सिंहदेव ने माना उसी तरह भुपेश बघेल को मानना चाहिए ।ऐसा कहते ही कुनकुरी विधायक के लोगों के द्वारा उंनसे मंच पर ही बदसलूकी शुरू कर दी गयी ,उंनसे माईक छीना जाने लगा और धक्का देकर मंच से गिराने की कोशिश की गई ।

 

इस घटना को लेकर अगले दिन मुख्य्मंत्री भुपेश बघेल का भी बयान आया ।मुख्य्मंत्री ने अपने बयान में साफ साफ़ कहा कि जो हुआ वह गलत हुआ ऐसी घटना को टाला जा सकता था हांलाकि उन्होंने यह भी कहा कि जिन बातों को छग प्रभारी पीएल पुनिया बार बार मीडिया के सामने स्पष्ट कर चुके हैं उस मुद्दे को मंच से बार बार उठाना भी गलत था ।

कूल मिलाकर देखा जाय तो काँग्रेस की अंदर की लड़ाई का कांटा अब मीडिया की ओर घूम गया है और इस मामले को लेकर अब जिला काँग्रेस कमेटी और प्रदेश भर के न्यूज़ एजेंसी आमने सामने हो गए हैं ।

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