प्रशिक्षु आईएएस ने किया पोषण पखवाड़ा का शुभारंभ

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बिहार संवाददाता सिकंदर राय की रिपोर्टः

प्रशिक्षु आईएएस ने किया पोषण पखवाड़ा का शुभारंभ
– 8 मार्च से 22 मार्च तक चलेगा पखवाड़ा
– अलग-अलग पोषण गतिविधियों का होगा आयोजन
– जिले से लेकर सामुदायिक स्तर पर पोषण जागरूकता गतिविधियों के दिखेंगे विविध रंग

पूर्णियाँ: 8 मार्च

पोषण पखवाड़ा का शुभारंभ प्रशिक्षु आईएएस प्रतिभा रानी ने जिला समाहरणालय के सभागार में दीप प्रज्वलित कर किया।इस दौरान उन्होंने सभी को पोषण पखवाड़ा को एक पर्व के रूप में मनाने एवं विशेष जागरूकता फैलाने का निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि पोषण के लिए मुख्य रूप से खाने में विविधता ज्यादा जरूरी है, जिसमे सभी तरह की ऊर्जा मिल सके जैसे कि विटामिन, प्रोटीन,कैल्शियम ,वसा। ये सब जरूरी नही है कि अच्छे खासे पैसे देकर ही खरीदा जा सकता है। इसको हमलोग अपने नजदीक उपलब्ध साग सब्जी से ही प्राप्त कर सकते है। आंगनवाड़ी केंद्र के अलावा सभी लोग अपने घरों में भी पोषण वाटिका की शुरुआत कर सकते हैं। इसको जन आंदोलन के माध्यम से हर घर घर तक पहुँचाया जाय, जिससे कि जो हमारा लक्ष्य है वो जल्दी से जल्दी मिल सके।

इस दौरान सिविल सर्जन डॉ मधुसूदन प्रसाद, आईसीडीएस डीपीओ शोभा सिन्हा, पंचायती राज अधिकारी, डीपीएम जीविका, पोषण अभियान की जिला समन्यवक निधि प्रिया, जिला परियोजना सहायक सुधांशू कुमार, टाटा ट्रस्ट से शौर्य पटेल, केअर अधिकारी एवं सभी परियोजना से बाल विकास पदाधिकारी, महिला पर्यवेक्षिका , महिला हेल्प लाईन के सभी कर्मी आदि उपस्थित रहे।

आयोजन से बढ़ेगा जागरूकता :
आईसीडीएस डीपीओ शोभा सिन्हा ने कहा पोषण पर आम जागरूकता बढ़ाने के लिए पोषण पखवाड़ा मनाया जा रहा है।पखवाड़े के दौरान जिले में सभी स्तर पर विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा जिससे लोगों में पोषण के प्रति जागरूकता आए।इसके लिए सिर्फ महिलाएं ही नहीं बल्कि पुरुषों को भी आगे आना होगा। बच्चों के जीवन में उसके पहले 1000 दिन बहुत महत्वपूर्ण होते हैं। इसलिए इस दौरान उनके देखभाल और खान-पान की सही समझ माता और पिता दोंनो के लिए जरूरी है। इससे बच्चा स्वास्थ्य होगा और कुपोषण दर में कमी आएगी।

जिले से लेकर समुदाय स्तर पर होंगे विभिन्न आयोजन:

इस पखवाड़े में आयोजित होने वाले विभिन्न पोषण गतिविधियों में पुरुषों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जाएगा। पोषण पर आम जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से पोषण पखवाड़े का आयोजन किया जा रहा है। पखवाड़े के दौरान जिले से लेकर सामुदायिक स्तर पर विभिन्न पोषण गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इसको लेकर सभी जिलों को पोषण कैलेंडर भी जारी किया गया है।महिला एवं बाल विकास मंत्रालय भारत सरकार द्वारा पोषण त्योहार से व्यवहार परिवर्तन के लिए पोषण के पाँच सूत्र दिये गए हैं। जिसमें जीवन के पहले 1000 सुनहरे दिन, पौष्टिक आहार, अनीमिया प्रबंधन, डायरिया रोकथाम एवं स्वच्छता को शामिल किया गया है। पखवाड़े के दौरान पोषण के पाँच सूत्रों पर विशेष जन-जागरूकता बढाई जाएगी।

विभिन्न विभागों की होगी सहभागिता:

पोषण पखवाड़े को सफल बनाने के लिए विभिन्न विभाग मिलकर सहयोग करेंगे। जिसमें समाज कल्याण विभाग के साथ स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायती राज, ग्रामीण विकास, पीएचइडी एवं खाद्य सुरक्षा विभाग शामिल होंगे। जिला स्तर पर सेमिनार का आयोजन किया जाएगा जिसमें पखवाड़े में होने वाले गतिविधियों एवं विशेषकर 6 माह से 2 वर्ष तक के बच्चों को घर में पका खाना खिलाने, भोजन में विविधिता सहित पोषण के महत्व पर विस्तार से चर्चा की जायेगी।

प्रमुख पोषण गतिविधियों का होगा मूल्यांकन :

पोषण अभियान की जिला समन्यवक निधि प्रिया ने बताया पोषण पखवाड़े के माध्यम से समाज में व्यापक जागरूकता एवं बेहतर परिणाम के लिए नयी पहल भी की जाएगी। पखवाड़े के दौरान आयोजित होने वाले गोदभराई , अन्नप्राशन, पोषण मेला एवं पोषण प्रभात फेरी के मूल्यांकन के लिए लाभार्थियों की जरुरी राय एवं फीडबैक ली जाएगी ताकि ऐसे आयोजनों की गुणवत्ता में सुधार कर पोषण व्यवहारों का अभ्यास जन समुदाय द्वारा किया जा सके।

इन प्रमुख गतिविधियों का होगा आयोजन:
• पोषण मेला
• विशेष अन्नप्राशन दिवस
• जिला स्तरीय पोषण सेमिनार
• जिला स्तरीय अभिसरण बैठक
• पोषण रैली/ प्रभात फेरी
• होली मिलन सह गृह भ्रमण
• ऊपरी आहार अभ्यास दिवस
• हैण्ड वाशिंग ( साबुन से हाथ धुलने का अभ्यास)
• माता समूह सह किसान बैठक
• प्रखंड/पंचायत स्तरीय स्वच्छता गतिविधि