खमरौध गांव की खबर पर संज्ञान लेकर स्वास्थ्य अमले सहित ग्राउंड जीरो पहुंचा प्रशासनिक अमला

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खमरौध गांव की खबर पर संज्ञान लेकर स्वास्थ्य अमले सहित ग्राउंड जीरो पहुंचा प्रशासनिक अमला

NAC न्यूज़  की खबरों से संज्ञान पर खमरौध पहुंची स्वास्थ्य अमले की टीम, शिविर लगाकर ग्रामीणों की जांच प्रारम्भ

कोतमा। अनूपपुर जिले के कोतमा विधानसभा अंतर्गत ग्राम पंचायत खमरौध में बीते कुछ दिनों में 10 लोगो की मौत की खबर से गांव में दहसत फैलने की सूचना थी। खबर मीडिया की सुर्खियां बनी व बात प्रशासन तक पहुंची। खबरों पर संज्ञान लेकर जिला कलेक्टर चन्द्र मोहन ठाकुर व स्वास्थ्य विभाग के निर्देशन पर मंगलवार को ग्राम पंचायत खमरौध में जमीनी स्थिति देखने व नियंत्रण करने कोतमा क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी ऋषि सिंघई,तहसीलदार मनीष शुक्ला,एस डीओपी शिवेंद्र सिंह बघेल, जनपद कार्यपालन अधिकारी त्रिपाठी,मुख्य चिकित्सा अधिकारी के एल दीवान, विधायक सुनील सराफ भाजपा जिलाध्यक्ष व मीडिया कर्मी खमरौध पहुंचे चिकित्सा विभाग व जनपद द्वारा खमरौध के शासकीय विद्यालय में कोरोना जांच शिविर लगाया गया। व ग्राम वासियों के बी पी की जांच कर सेनेटाइज करा कर रेपिड टेस्ट की जांच करवाई गई। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कुल 161 लोगो के रेपिड टेस्ट करवाये गए जिसमे एक भी पोजिटिब रिपोर्ट नही आई।

ग्राउंड जीरो की सच्चाई जानने प्रशासन स्वास्थ्य विभाग व मीडिया ने किया गांव में जनसम्पर्क

 

ग्राम पंचायत खमरौध में माध्यमिक पाठशाला में कोरोना जांच शिविर प्रारम्भ कराकर अनुविभागीय अधिकारी ऋषि सिंघई और तहसीलदार मनीष शुक्ला, चौधरी मोहल्ला व जैसवाल मोहल्ला जाकर स्थिति का जायजा लिए व मोहल्ले को कन्टेन्टमेंट जोन बनाने ग्राम पंचायत सचिव को निर्देश दिए। साथ ही गांव में बाहर नाका लगाने के निर्देश दिए गए। साथ ही ग्राम पंचायत को यह निर्देश दिए गए कि संक्रमित क्षेत्रो को सेनेटराइज कराए जाएं। साथ ही सर्दी खांसी बुखार से पीड़ित लोगों को दवा किट वितरित किये जायें।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी त्रिपाठी व मुख्य चिकित्सा अधिकारी के एल दीवान मृतकों के परिजनों से मिले व मौत के पहले स्वास्थ्य की स्थिति जाने, मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने ग्राम पंचायत सचिव को गरीबी रेखा वाले व सम्बल के हितग्राहियों को लाभ दिलाने निर्देश दिए गए।
मीडिया ने ग्रामवासियों व स्थानीय लोगो से स्थिति जानने का प्रयास किया तो जो हकीकत निकल कर आई वो स्थिति चौकाने वाली थी। ग्राम वासियों के बताए अनुसार
लगभग 3000 की आबादी वाले गाँव मे सर्दी जुकाम बुखार से कई लोग पीड़ित है वावजूद जांच की कमी व ग्रामीण क्षेत्रो के प्रति प्रशासन का ध्यानाकर्षण न होने से कुछ दिनों के अंतराल में लगभग 14 मौते हुई है । जिसमे अधिकतर मरने वाले 60 साल से ऊपर के हैं। जिन्हें सर्दी खांसी बुखार की शिकायत थी। लेकिन कोरोना जांच न कराने व घर मे ही रहकर लोकल इलाज कराने व जनजागरूकता के अभाव में मौतें हुई हैं। विदित होकि ग्राम पंचायत द्वारा रजिस्टर में 9 लोगो के मरने की एंट्री है। जिसमे अप्रैल में एक मौत हुई है बाकी मौतें 17 मई के बीच मे हुई है। जिसमे से दो लोगो को बाहरी जमुना,व बिजुरी निवासी होना बताया गया है साथ ही एक व्यक्ति के कोरोना संक्रमण से मौत की पुष्टि की गई। बाकी की मौत का कारण अज्ञात है। वही कुछ लोगो की मौत अस्पताल में व कुछ की अस्पताल पहुंचने के पहले ही मौत की जानकारी दी गयी। इस तरह सरकारी आंकड़ों में तो एक व्यक्ति की ही कोरोना संक्रमण से मृत्यु होना पाया गया। जबकि स्थानीय लोगो का कहना था कि जब जांच ही नही हुई तो कैसे माने वो संक्रमित नही थे।

जब जांच ही नही हुई तो कैसे माने मौत संक्रमण से हुई या सामान्य

ग्राम पंचायत खमरौध में हुई लगातार मौतों पर स्थानीय जनप्रतिनिधि मंगल्दीन साहू ने प्रशासन से कहे कि अधिकांशतः लोगो को सर्दी खांसी बुखार व संक्रमण जैसे सिम्टम्स देखने मे आये है। लेकिन ग्रामीण दहसत के कारण जांच नही करवाते व स्वास्थ्य विभाग ने गांव में कभी टेस्ट आपदा प्रबंधन समिति के सदस्य व खोडरी उपसरपंच नीलेश पांडे ने मीडिया को यह जानकारी दिए कि ग्रामीण क्षेत्रो में अधिकतर लोग सर्दी खांसी बुखार से संक्रमित हैं। जो कोरोना के डर के कारण जांच नही करवा रहे हैं। मरने वाले अधिकांशतः सर्दी खांसी बुखार व अन्य बीमारियों से ग्रसित थे। प्रशासन द्वारा कभी भी न जांच कराई गई न दवा वितरित किये गए। जिस कारण बीते कुछ दिनों के अंतराल में 9 मौतें हुई है।
उक्त खबर को मीडिया ने प्रमुखता से प्रसारित किया। जिसपर जिला प्रशासन व चिकित्सा विभाग द्वारा संज्ञान लेते हुए आज चिकित्सा विभाग व जनपद द्वारा जांच शिविर लगाकर ग्राम वासियों की जांच प्रारम्भ की गई। खबर की हकीकत की जांच करने मीडिया ग्राउंड जीरो पर पहुंची व ग्राम वासियों स्वास्थ्य कर्मचारियों, व आपदा प्रबंधन समिति के सदस्यों व पीड़ितों से हकीकत जानने का प्रयास किये तो यह हकीकत का पता चला कि
ग्रामीण दहशत के साये में जीने को मजबूर हैं लेकिन आज तक प्रशासन ने जांच नही करवाये। कोरोना की जांच व मौतों के डर के अफवाहों को सुनकर कोई भी जांच कराने जाना नही चाहता है। आज मंगलवार को ग्रामीणों की मॉग पर ग्राम पंचायत खमरौध में पूरा प्रशासन सहित स्वास्थ्य अमला पहुंचा व शिविर लगवाकर मेडिकल किट मंगवा कर 161 लोगो की जांच करवाई गयी जिसमे एक भी पोजिटिब केस नही निकले। वही स्थानीय लोगो का कहना है कि खमरौध पंचायत के अंतर्गत टिकरी टोला, पचखुरा कुल मिलाकर 3000 मतदाता हैं। जिसमे सिर्फ 1375 मतदाता खमरौध में है। जिसमे कुल 161 लोगो की जांच की गई। साथ ही जिन चौधरी मोहल्ले व जायसवाल मोहल्ले में मौतें हुई हैं उन मोहल्लों के पूरे लोगो की जांच ही नही हुई
है। ऐसे में खमरौध ग्राम पंचायत की वास्तविक स्थिति क्या है। किस तरह लोगो की जांच होगी यह कहना सम्भव नही। ग्राम खमरौध में अनुविभागीय अधिकारी ऋषि सिंघई ने आपदा प्रबंधन समिति की बैठक रखे जिसमे कोरोना जांच की स्थिति व मृतकों के कारण की समीक्षा किये। जिसमे अप्रैल माह में एक मौत होना पाया गया। बाकी मौतें 1 मई से 17 मई के बीच मे हुई है। जिसमे से दो लोगो को बाहरी जमुना,व बिजुरी निवासी होना पाया गया जिनका दाह संस्कार गांव में हुआ है साथ ही एक व्यक्ति के कोरोना संक्रमण से मौत की पुष्टि की गई। बाकी की मौत का कारण सर्दी खांसी बुखार व अन्य रोगों के कारण मौत होना पाया गया है। वही कुछ लोगो की मौत अस्पताल में व कुछ की अस्पताल पहुंचने के पहले ही मौत की जानकारी दी गयी। इस तरह सरकारी आंकड़ों में तो एक व्यक्ति की ही कोरोना संक्रमण से मृत्यु होना पाया गया।

इनका कहना है।

ग्राम पंचायय खमरौध में कुछ मौतों की जानकारी मिली है। आज मौके पर स्थिति का जायजा लिया गया है। जिसमे कोरोना से लगातार मौतों की भ्रांतियां फैली हुई हैं। वस्तु स्थिति अनुसार खमरौध व पचखुरा मिलाकर एक महीने में 14 लोगो की मृत्यु की पुष्टि हुई है। जिसमे दो दिन 4 लोगों मृत्यु की पुष्टि हुई है। जिसमे 1 की कोरोना पॉजिटिव की संक्रमण की पुष्टि हुई है। अमूनन लोग सेम्पलिंग व टेस्टिंग के लिए घरों से नही निकलते हैं। आज स्वास्थ्य विभाग द्वारा टेस्टिंग व सेम्पलिंग की व्यवस्था करवाई गयी है। दवाओं की पर्याप्त व्यवस्था करवाई गई है। प्रशासनिक स्तर पर विभिन्न ग्राम पंचायतों का हमने रिब्यू किया है जिसमे बेहतर परिणाम सामने आए हैं। ग्रामीण क्षेत्रो में भी प्रकरणों में कमी आ रही है।

ऋषि सिंघई
अनुविभागीय अधिकारी कोतमा

 

ग्राम पंचायत खमरौध में 9 मौतों की दुखद सूचना मिली थी। मेरी एसडीएम सर से बात हुई है। आज पूरा प्रशासनिक व स्वास्थ्य अमला गांव पहुंचा है। मौतों के कारणों का लता लगाया जा रहा। प्रशासन जॉच शिविर लगाई है। व दवा वितरण की व्यवस्था करवा रही है। गांव में कोरोना संक्रमण को लेकर जनजागरूकता का अभाव है। गांव वाले मारे डर के जांच कराने घरों से नही निकलते। जांच व दवा वितरण के साथ जनजागरूकता की आवश्यकता है।

 

सुनील सराफ

विधायक विधानसभा क्षेत्र कोतमा

✍️✍️✍️अजय राजानी संभाग ब्यूरो चीफ शहडोल मध्य प्रदेश

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